फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर (मीटर) – Phase-sequence indicator (Meter) 💡
उद्देश्य (Objectives):
इस पाठ (lesson) के अंत में आप निम्नलिखित कार्यों में सक्षम होंगे:
- फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर (phase-sequence indicator) का उपयोग करके 3-फेज सप्लाई के फेज सीक्वेंस (phase sequence) को खोजने की विधि का वर्णन करना।
- लैम्प्स (lamps) का उपयोग करके फेज सीक्वेंस खोजने की विधियों को समझाना।
फेज सीक्वेंस (Phase sequence) 🌀
एक थ्री-फेज अल्टरनेटर (three-phase alternator) में कॉइल्स (coils) के तीन सेट होते हैं जो एक-दूसरे से 120° की दूरी पर स्थित होते हैं और इसका आउटपुट एक थ्री-फेज वोल्टेज होता है, जैसा कि चित्र 1 (Fig 1) में दिखाया गया है। एक थ्री-फेज वोल्टेज में तीन वोल्टेज वेव्स (voltage waves) होती हैं, जो एक-दूसरे से 120 इलेक्ट्रिकल डिग्री (electrical degrees) की दूरी पर होती हैं।
समय 0 (At a time 0) पर, फेज U पॉजिटिव दिशा में बढ़ते हुए वोल्टेज (positively increasing voltage) के साथ जीरो वोल्ट से गुजर रहा होता है। (Fig 1) इसके बाद फेज V अपने जीरो क्रॉसिंग (zero crossing) के साथ 1/3 समय (period) के बाद आता है, और यही नियम V के संबंध में फेज W पर लागू होता है। वह क्रम (order) जिसमें तीनों फेज अपनी अधिकतम (maximum) या न्यूनतम (minimum) वैल्यू प्राप्त करते हैं, उसे फेज सीक्वेंस (phase sequence) कहा जाता है। यहाँ दिए गए उदाहरण में, फेज सीक्वेंस U, V, W है।
सही फेज सीक्वेंस का महत्व (Importance of correct phase sequence) ⚠️
विभिन्न थ्री-फेज सिस्टम्स के निर्माण (construction) और कनेक्शन में सही फेज सीक्वेंस का होना बहुत महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए:
- अल्टरनेटर पैरेललिंग (Paralleling Alternators): जब थ्री-फेज अल्टरनेटर्स के आउटपुट को एक कॉमन वोल्टेज सिस्टम में एक साथ (parallel) जोड़ा जाता है, तो सही फेज सीक्वेंस जरूरी है। एक अल्टरनेटर का फेज ‘U’ दूसरे अल्टरनेटर के फेज ‘U’ से ही जुड़ना चाहिए। इसी तरह फेज ‘V’ को ‘V’ से और फेज ‘W’ को ‘W’ से जोड़ा जाना चाहिए।
- इंडक्शन मोटर (Induction Motor): एक इंडक्शन मोटर के मामले में, यदि सीक्वेंस उल्टा (reversal) हो जाता है, तो मोटर के घूमने की दिशा (direction of rotation) भी बदल जाती है। इससे मशीनरी गलत दिशा में चलने लगेगी, जो खतरनाक हो सकता है।
फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर (मीटर) – Phase-sequence indicator (meter) ⚙️
एक फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर (meter) थ्री-फेज सिस्टम के सही फेज-सीक्वेंस को सुनिश्चित करने का एक साधन प्रदान करता है। फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर में 3 टर्मिनल्स ‘UVW’ होते हैं जिनसे सप्लाई के तीनों फेज जोड़े जाते हैं।
जब इंडिकेटर को सप्लाई दी जाती है, तो इसके अंदर की एक डिस्क (disc) या तो क्लॉकवाइज (clockwise – घड़ी की दिशा) में या एंटी-क्लॉकवाइज (anticlockwise – घड़ी की उल्टी दिशा) में घूमने लगती है। डिस्क के घूमने की दिशा को इंडिकेटर पर एक तीर (arrowhead) के निशान से दर्शाया जाता है। तीर के निशान के नीचे सही सीक्वेंस (correct sequence) अंकित होता है। (Fig 2)
फेज सीक्वेंस को बदलना (Reversing the Phase Sequence) 🔄
किसी भी three-phase system के फेज सीक्वेंस (phase sequence) को उन तीन फेजों में से किन्हीं भी दो फेजों के कनेक्शन को आपस में बदलकर (interchanging) रिवर्स (reverse) किया जा सकता है।
1. चोक और लैंप का उपयोग करके फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर (Phase-sequence indicator using choke and lamps) 🛠️💡
यह विधि इंडक्टर (choke) के सिद्धांत पर आधारित है।
- बनावट (Construction): इस फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर में चार लैंप (four lamps) और एक inductor (choke) होता है, जो star formation (Y) में जुड़े होते हैं।
- कनेक्शन (Connection): इस ‘Y’ (Star) फॉर्मेशन की प्रत्येक लेग (leg) से एक test lead जुड़ी होती है।
- लेबलिंग (Labelling): एक लैंप पर U-V-W का लेबल लगा होता है और दूसरे पर U-W-V का लेबल लगा होता है।
- कार्यप्रणाली (Working): जब इन तीनों leads को three-phase line से जोड़ा जाता है, तो जो लैंप अधिक रोशनी के साथ (brighter) जलता है, वही सही phase sequence को दर्शाता है। (इसे आप ऊपर दिए गए Fig 3 में देख सकते हैं)।
2. कैपेसिटर और लैंप का उपयोग करके फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर (Phase-sequence indicator using capacitor & lamps) ⚡🔦
यह विधि कैपेसिटर का उपयोग करके फेज सीक्वेंस की पहचान करती है।
- बनावट (Construction): इस फेज-सीक्वेंस इंडिकेटर में चार लैंप और एक capacitor होता है, जो star formation (Y) में जुड़े होते हैं।
- कनेक्शन (Connection): ‘Y’ फॉर्मेशन की प्रत्येक लेग (leg) के साथ एक test lead को जोड़ा जाता है।
- लेबलिंग (Labelling): लैंप की एक जोड़ी पर U-V-W का लेबल लगा होता है, और दूसरी जोड़ी पर U-W-V का लेबल लगा होता है।
- कार्यप्रणाली (Working): जब इन तीनों leads को 3-phase line से कनेक्ट किया जाता है, तो अधिक चमकने वाला लैंप (brighter lamp) फेज सीक्वेंस (phase sequence) की जानकारी देता है। (अधिक जानकारी के लिए Fig 4 देखें)।
प्रमुख निष्कर्ष (Key Takeaways):
- Star Formation (Y): दोनों विधियों में कंपोनेंट्स स्टार कनेक्शन में जुड़े होते हैं।
- Brighter Lamp: जो लैंप ज्यादा तेज जलेगा, वही सीक्वेंस सही माना जाएगा।
- Inductor vs Capacitor: एक विधि में चोक (Inductor) का उपयोग होता है और दूसरी में कैपेसिटर का।
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Note to Students: डायग्राम (Fig 3 और Fig 4) को ध्यान से देखें ताकि आप समझ सकें कि लैंप और चोक/कैपेसिटर को फीडर लाइन (Feeder Line) से कैसे जोड़ा गया है।
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Note to Instructor: छात्रों को समझाते समय चित्र 1 (Waveform) और चित्र 2 (Meter Connection) का संदर्भ अवश्य दें ताकि वे फेज के बीच के 120° के अंतर और मीटर के घूमने की दिशा को बेहतर ढंग से समझ सकें।

