🔋 सेल्स का समूहन: ग्रुपिंग ऑफ सेल्स (Grouping of Cells)

पावर इलेक्ट्रिशियन – सेल्स और बैटरी (Power Electrician – Cells and Batteries) संबंधित सिद्धांत (Related Theory) – अभ्यास 1.6.58


🎯 उद्देश्य (Objectives):

इस पाठ के अंत में आप निम्न कार्यों में सक्षम होंगे:

  • सीरीज (Series) और पैरेलल (Parallel) में जुड़े सेल्स के उद्देश्य (Purpose) को बताना।
  • सेल्स के सीरीज कनेक्शन, पैरेलल कनेक्शन और सीरीज-पैरेलल कनेक्शन की व्याख्या करना।

🔌 सेल्स का समूहन (Grouping of Cells)

अक्सर एक इलेक्ट्रिक सर्किट (Electric Circuit) में ऐसी वोल्टेज या करंट की आवश्यकता होती है जिसे एक अकेला सेल (Single Cell) अकेले सप्लाई करने में सक्षम नहीं होता है। इस स्थिति में, सेल्स के समूहों को विभिन्न Series (सीरीज) और Parallel (पैरेलल) व्यवस्थाओं में जोड़ना आवश्यक हो जाता है।


⛓️ सीरीज कनेक्शन (Series Connections)

सेल्स को सीरीज में तब जोड़ा जाता है जब एक सेल के पॉजिटिव टर्मिनल (+) को अगले सेल के नेगेटिव टर्मिनल (-) से जोड़ा जाता है (Fig 1 देखें)।

  • उद्देश्य: एक जैसे (Identical) सेल्स को सीरीज में तब जोड़ा जाता है जब हमें एक सिंगल सेल की तुलना में अधिक वोल्टेज (Higher Voltage) प्राप्त करना हो।
  • आउटपुट: इस कनेक्शन में, आउटपुट वोल्टेज सभी सेल्स के वोल्टेज के योग (Sum) के बराबर होता है।
  • महत्वपूर्ण: हालांकि वोल्टेज बढ़ जाता है, लेकिन इसकी Ampere Hour (AH) रेटिंग एक सिंगल सेल के बराबर ही रहती है।

📝 उदाहरण (Example):

मान लीजिए तीन ‘D’ फ्लैशलाइट सेल्स को सीरीज में जोड़ा गया है (Fig 2)। प्रत्येक सेल की रेटिंग 1.5 V और 2 AH है। इस बैटरी की वोल्टेज और AH रेटिंग इस प्रकार होगी:

  • V Battery = V per cell × No. of cells
    • = (1.5V) × (3)
    • = 4.5 V
  • AH Battery rating = AH rating of 1 cell
    • = 2 AH

🔀 पैरेलल कनेक्शन (Parallel Connection)

सेल्स को पैरेलल में तब जोड़ा जाता है जब सभी पॉजिटिव टर्मिनल्स (+) को एक साथ और सभी नेगेटिव टर्मिनल्स (-) को एक साथ जोड़ा जाता है (Fig 3)।

  • उद्देश्य: एक जैसे सेल्स को पैरेलल में तब जोड़ा जाता है जब हमें अधिक आउटपुट करंट या एम्पीयर-आवर (AH) रेटिंग प्राप्त करनी हो।
  • आउटपुट: इस कनेक्शन में, आउटपुट एम्पीयर-आवर (AH) रेटिंग सभी सेल्स की AH रेटिंग के योग (Sum) के बराबर होती है।
  • महत्वपूर्ण: हालांकि AH रेटिंग बढ़ जाती है, लेकिन आउटपुट वोल्टेज एक सिंगल सेल के वोल्टेज के समान ही रहता है।

✍️ असाइनमेंट (Assignment):

मान लीजिए चार सेल्स पैरेलल में जुड़े हैं (Fig 4)। प्रत्येक सेल की रेटिंग 1.5 V और 8 AH है। इस बैटरी की वोल्टेज और एम्पीयर-आवर रेटिंग क्या होगी?

  • Voltage: 1.5 V (समान रहेगी)
  • AH Rating: 8 AH × 4 = 32 AH

⚡ सीरीज-पैरेलल कनेक्शन (Series-Parallel Connection)

कभी-कभी किसी उपकरण (Equipment) की आवश्यकताएं एक सिंगल सेल की वोल्टेज और एम्पीयर-आवर रेटिंग दोनों से अधिक होती हैं। ऐसी स्थिति में, सेल्स के सीरीज-पैरेलल ग्रुपिंग का उपयोग किया जाना चाहिए (Fig 5)।

गणना का तरीका (Calculation Method):

  1. सबसे पहले, आवश्यक वोल्टेज रेटिंग प्राप्त करने के लिए सीरीज में जोड़े जाने वाले सेल्स की संख्या की गणना की जाती है।
  2. उसके बाद, आवश्यक एम्पीयर-आवर रेटिंग के लिए सीरीज में जुड़े सेल्स की ऐसी कितनी पैरेलल पंक्तियाँ (Parallel Rows) होंगी, उनकी गणना की जाती है।

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