💡 स्पेशल वायरिंग सर्किट्स – टनल, कॉरिडोर, गोदाम और हॉस्टल वायरिंग (Special Wiring Circuits)
नमस्कार छात्रों! आज के इस लेसन में हम इलेक्ट्रिशियन ट्रेड की कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण Special Wiring Circuits के बारे में विस्तार से जानेंगे। यह लेसन आपकी Basic Wiring Practice के लिए बहुत जरूरी है।
🎯 इस लेसन के उद्देश्य (Objectives):
इस पाठ के अंत में आप निम्नलिखित चीज़ें सीख पाएंगे:
- Godown, Tunnel, Corridor, और Hostel wirings के बीच के मुख्य अंतर को बताना।
- टनल लाइटिंग, कॉरिडोर, बैंक और हॉस्टल के Circuit Diagrams बनाना।
- इन सभी सर्किट्स के लिए Mode Chart तैयार करना।
🪜 सीढ़ी की वायरिंग (Staircase Wiring)
शुरुआत में एक साधारण वायरिंग सर्किट में एक लैंप को एक ही स्विच से कंट्रोल किया जाता है। हालांकि, जब एक लैंप को दो अलग-अलग जगहों (Two different places) से कंट्रोल किया जाता है, तो उसे Staircase Wiring कहा जाता है।
- Fig 1 में ऐसी वायरिंग दिखाई गई है जहाँ एक लैंप को अलग-अलग कंट्रोल करने के लिए दो Double Pole Switches का उपयोग किया गया है।
📦 गोदाम की वायरिंग (Godown Wiring)
गोदाम की वायरिंग में हमने देखा है कि जैसे-जैसे आप गोदाम के अंदर बढ़ते हैं, आप अपने आगे का लैंप जला सकते हैं जबकि आपके पीछे की लाइट अपने आप बंद हो जाती है। गोदाम से बाहर निकलते समय यही प्रक्रिया उल्टे क्रम (Reverse order) में होती है।
🚇 टनल लाइटिंग सर्किट (Tunnel Lighting Circuit – Fig 2)
टनल (Tunnel) के मामले में सिर्फ एक लाइट पर्याप्त रोशनी (Illumination) देने के लिए काफी नहीं होती क्योंकि वहाँ अंधेरा बहुत ज्यादा होता है।
- इसलिए, टनल के वायरिंग सर्किट में एक समय में कम से कम दो लाइटें ‘ON’ होनी चाहिए जब कोई व्यक्ति टनल के अंदर जा रहा हो या बाहर आ रहा हो।
- टनल वायरिंग में एक व्यक्ति टनल के साथ चलते हुए एक ही स्विच से आगे के दो लैंप जला सकता है और पीछे का एक लैंप बंद कर सकता है।
- इसमें सभी स्विच Two-way switches होते हैं।
⚠️ सावधानी (Caution): यह सर्किट IE (Indian Electricity) नियमों के अनुसार नहीं है क्योंकि इसमें फेज (Phase) और न्यूट्रल (Neutral) एक ही स्विच में आते हैं। इसलिए तारों को जोड़ते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।
📈 टनल वायरिंग के लिए मोड चार्ट (Mode Chart for Tunnel Wiring)
नीचे दिए गए चार्ट में स्विचेस के संचालन और उसके परिणाम स्वरूप लाइट की स्थिति (Lighting position) को दिखाया गया है:
| Switches (S1, S2, S3, S4) | Lights (L1, L2, L3, L4) | | :— | :— | | मोड चार्ट के अनुसार टनल की लाइटों का क्रम बदलता रहता है ताकि पर्याप्त रोशनी बनी रहे। | डायग्राम और चार्ट को ध्यान से देखें। |
🏢 कॉरिडोर वायरिंग (Corridor Wiring – Fig 3)
कॉरिडोर (Galley) में कई कमरे हो सकते हैं जिनमें अलग-अलग लोग रहते हैं।
- जब कोई व्यक्ति अपने कमरे की ओर बढ़ता है, तो उसे आगे बढ़ने के लिए सामने की लाइट (Forward light) की आवश्यकता होती है।
- जैसे ही वह अपना कमरा ढूंढ लेता है और उसे खोलता है, उसे कॉरिडोर की लाइट की जरूरत नहीं रह जाती।
- इसलिए, कॉरिडोर वायरिंग में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि आगे बढ़ते समय पीछे की लाइट बंद हो सके और साथ ही अपने कमरे के सामने की लाइट को भी बंद किया जा सके।
सर्किट का कार्य (Working): इस सर्किट में, एक सेट में पहले स्विच को ऑपरेट करने से पहली लाइट जलती है, जबकि उसी सेट के दूसरे स्विच को ऑपरेट करने से पहली लाइट बंद हो जाती है। यही क्रम मोड चार्ट के अनुसार आगे भी चलता रहता है।
गोदाम लाइटिंग सर्किट (Godown Lighting Circuit) 🏗️💡
आइए एक गोदाम लाइटिंग सर्किट (Fig 4) पर विचार करें जिसमें चार लैंप (lamps) $L_1, L_2, L_3$ और $L_4$ हैं। इन्हें इस तरह से कंट्रोल (control) किया जाना है कि यदि कोई व्यक्ति गोदाम में किसी भी दिशा में चलता है, तो वह आगे की दिशा (forward direction) में एक के बाद एक लाइट चालू (switch ON) कर सके, जबकि जो लैंप पहले जला था वह बंद (switch OFF) हो जाए।
इस व्यवस्था (arrangement) में, $S_1$ एक वन-वे स्विच (one-way switch) है, जबकि $S_2, S_3$ और $S_4$ टू-वे स्विच (two-way switches) हैं।
वापस आते समय की स्थिति: गोदाम से वापस आते समय जब व्यक्ति लाइट 4 ($L_4$) को बंद (switch off) करता है, तो लाइट 3 ($L_3$) अपने आप चालू (switch ON) हो जाएगी और उसके वापस लौटने के रास्ते के लिए रोशनी देगी। जब वह गोदाम से बाहर निकलता है, तो स्विच $S_1$ को ऑपरेट (operate) करके सभी लाइटों को ‘ऑफ’ (OFF) किया जा सकता है।
गोदाम वायरिंग के लिए मोड चार्ट (Mode Chart for Godown Wiring) 📊
नीचे दिया गया चार्ट स्विच और लाइट के संचालन (operation) के तरीके को दर्शाता है। प्रशिक्षुओं (Trainees) को सलाह दी जाती है कि वे वापसी मोड (return mode) का चार्ट भी तैयार करें।
| स्विच (Switches) | | | | लाइट्स (Lights) | | | | | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | | $S_1$ | $S_2$ | $S_3$ | $S_4$ | $L_1$ | $L_2$ | $L_3$ | $L_4$ | | ON | OFF | OFF | OFF | ON | – | – | – | | ON | ON | OFF | OFF | – | ON | – | – | | ON | ON | ON | OFF | – | – | ON | – | | ON | ON | ON | ON | – | – | – | ON |
कॉरिडोर वायरिंग के लिए मोड चार्ट (Mode Chart for Corridor Wiring) 🏢🔦
कॉरिडोर वायरिंग में कई स्विच सेट का उपयोग करके लैंप को क्रमिक रूप से (sequentially) नियंत्रित किया जाता है। नीचे दिए गए चार्ट में स्विच लैंप चार्ट (Switch lamps chart) दिखाया गया है:
| स्विच (SWITCHES) | | | | | | | | लैंप (LAMPS) | | | | | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | | Ist SET | 2nd SET | 3rd SET | 4th SET | | | | | $L_1$ | $L_2$ | $L_3$ | $L_4$ | | $S_{11}$ | $S_{12}$ | $S_{21}$ | $S_{22}$ | $S_{31}$ | $S_{32}$ | $S_{41}$ | $S_{42}$ | | | | | | ON | — | — | — | — | — | — | — | ✅ | ✖ | ✖ | ✖ | | ON | OFF | — | — | — | — | — | — | ✖ | ✖ | ✖ | ✖ | | ON | OFF | ON | — | — | — | — | — | ✖ | ✅ | ✖ | ✖ | | ON | OFF | ON | OFF | — | — | — | — | ✖ | ✖ | ✖ | ✖ | | ON | OFF | ON | OFF | ON | — | — | — | ✖ | ✖ | ✅ | ✖ | | ON | OFF | ON | OFF | ON | OFF | — | — | ✖ | ✖ | ✖ | ✖ | | ON | OFF | ON | OFF | ON | OFF | ON | — | ✖ | ✖ | ✖ | ✅ | | ON | OFF | ON | OFF | ON | OFF | ON | OFF | ✖ | ✖ | ✖ | ✖ |
मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways): 📝
- गोदाम वायरिंग (Godown Wiring): इसमें एक समय में केवल एक ही लैंप जलता है, जिससे बिजली की बचत होती है।
- स्विच का प्रकार: पहले स्थान पर One-way switch का प्रयोग होता है और बाकी जगहों पर Two-way switches का।
- सुरक्षा: गोदाम से बाहर निकलते समय एक ही स्विच ($S_1$) से पूरा सर्किट बंद किया जा सकता है।
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नोट: सर्किट डायग्राम (Fig 4) को ध्यान से देखें। इसमें ‘L’ (Line/Phase) और ‘N’ (Neutral) के कनेक्शन को सही ढंग से समझना जरूरी है। आशा है कि यह लेसन आपको गोदाम और कॉरिडोर वायरिंग समझने में मदद करेगा! 😊⚡
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