🔄 AC Simple Circuit (AC सरल परिपथ)

Objective (उद्देश्य): Pure Resistance, Inductance और Capacitance सर्किट में वोल्टेज, करंट और पावर के बीच Phase Relationship (फेज संबंध) को समझना।

Pure Resistance Circuit (शुद्ध प्रतिरोधी परिपथ):

एक शुद्ध प्रतिरोधी परिपथ वह है जिसमें न तो Inductance (प्रेरकत्व) हो और न ही Capacitance (धारिता)

  • यदि इस सर्किट से करंट गुजरता है, तो करंट में किसी भी बदलाव से कोई Back EMF पैदा नहीं होगा।
  • लगाया गया वोल्टेज (Applied Voltage) केवल Ohmic Drop को पार करने के लिए आवश्यक होता है।
  • Formula: $I = \frac{E}{R}$
  • चूंकि करंट वोल्टेज के समानुपाती (Proportional) होता है, इसलिए करंट का वेवफॉर्म (Waveform) बिल्कुल वोल्टेज जैसा ही होता है। जब वोल्टेज शून्य होता है, तो करंट भी शून्य होता है। इसका मतलब है कि वोल्टेज और करंट In Phase होते हैं।

जब दो क्वांटिटीज (Quantities) एक-दूसरे के साथ फेज में होती हैं, तो उसे In-Phase कहा जाता है। Fig 1 एक करंट वेव (Current wave – I) को वोल्टेज वेव (Voltage wave – E) के साथ फेज में दिखाता है।

  • प्रत्येक क्षण (Instant) पर पावर प्राप्त करने के लिए करंट और वोल्टेज को आपस में गुणा (Multiply) किया जाता है।
  • इससे एक नया कर्व ‘P’ (Power Curve) तैयार होता है।
  • पहले हाफ-साइकिल (First half-cycle) के दौरान पावर कर्व पॉजिटिव रहता है क्योंकि करंट और वोल्टेज दोनों पॉजिटिव होते हैं।
  • दूसरे हाफ-साइकिल में दोनों नेगेटिव होते हैं, इसलिए उनका गुणनफल (Product) फिर से पॉजिटिव हो जाता है।
  • सूत्र (Formula): $P = E \times I$

 केवल शुद्ध इंडक्टेंस वाला सर्किट (Circuit with Pure Inductance Only) 🌀

केवल शुद्ध इंडक्टेंस (Pure Inductance) वाला सर्किट कभी नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि सोर्स (Source), जोड़ने वाले तारों (Connecting wires) और इंडक्टर (Inductor) सबका कुछ न कुछ रेजिस्टेंस (Resistance) जरूर होता है।

  • हालाँकि, यदि ये रेजिस्टेंस बहुत कम हों और सर्किट करंट पर इंडक्टेंस की तुलना में बहुत कम प्रभाव डालते हों, तो उस सर्किट को Purely Inductive Circuit माना जा सकता है। (Fig 2 देखें)

 फेज अंतर (Phase Difference) 🕒

यदि दो अल्टरनेटिंग क्वांटिटीज (Alternating quantities) शून्य से गुजरने के बाद अलग-अलग समय पर एक ही दिशा में अपने अधिकतम मान (Maximum value) पर पहुँचती हैं, तो उन्हें Phase Difference वाला कहा जाता है।

  • फेज अंतर को एक साइकिल के अंश (Fractions of a cycle) में व्यक्त किया जा सकता है।
  • सटीकता (Accuracy) के लिए, इसे डिग्री (Degrees) में दिया जाता है।
  • Lead और Lag शब्दों का उपयोग उन वोल्टेज या करंट की सापेक्ष स्थिति बताने के लिए किया जाता है जो फेज में नहीं हैं।
  • जो समय में आगे है उसे Lead कहा जाता है, और जो पीछे है उसे Lag कहा जाता है। (Fig 3 देखें)
  • जब एक वोल्टेज या करंट के अधिकतम और न्यूनतम बिंदु दूसरे के संबंधित बिंदुओं से पहले होते हैं, तो वे Out of Phase होते हैं।

 केवल इंडक्टेंस वाले सर्किट में करंट और वोल्टेज के बीच फेज संबंध (Phase Relationship in Pure Inductive Circuit) 📐

जब किसी इंडक्टिव सर्किट में AC वोल्टेज लगाया जाता है, तो करंट (Current), लगाए गए वोल्टेज (Applied voltage) से एक चौथाई साइकिल या 90° पीछे (Lags behind) रहता है। (Fig 4 देखें)

  • शुद्ध इंडक्टिव सर्किट में, करंट वोल्टेज से 90° पीछे रहता है। इसे Fig 9 में वेव-फॉर्म के रूप में दिखाया गया है।
  • इसे इस तरह भी कहा जा सकता है कि वोल्टेज करंट से आगे (Leads) रहता है। Fig 5 और Fig 6 में इसके लिए वेक्टर डायग्राम (Vector diagram) दिए गए हैं।

5. इंडक्टिव रिएक्टेंस (Inductive Reactance – $X_L$) ⚙️

CEMF (Counter Electromotive Force) करंट के प्रवाह को सीमित करने के लिए रेजिस्टेंस की तरह काम करता है। लेकिन चूंकि CEMF की चर्चा वोल्ट (Volts) में की जाती है, इसलिए करंट की गणना के लिए इसे सीधे ओहम के नियम (Ohm’s Law) में उपयोग नहीं किया जा सकता।

  • हालाँकि, CEMF के प्रभाव को ओहम (Ohms) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। इस प्रभाव को Inductive Reactance कहा जाता है, और इसे $X_L$ के रूप में संक्षिप्त किया जाता है।
  • इंडक्टिव रिएक्टेंस इंडक्टर के इंडक्टेंस (L) और करंट की फ्रीक्वेंसी (f) पर निर्भर करता है।

गणना सूत्र (Calculation Formula): $$X_L = 2\pi fL$$

जहाँ:

  • $X_L$ = इंडक्टिव रिएक्टेंस (ओहम/Ohms में)
  • f = करंट की फ्रीक्वेंसी (Cycles per second में)
  • L = इंडक्टेंस (हेनरी/Henrys में)
  • $2\pi$ = करंट के परिवर्तन की दर (Rate of change of current) को दर्शाता है, जिसे अक्सर ग्रीक अक्षर ‘ω’ (Omega) द्वारा दर्शाया जाता है।
  • चूँकि $2\pi = 2(3.14) = 6.28$ है।

यदि हमें Inductance ($L$) या Frequency ($f$) निकालनी हो, तो हम इन सूत्रों का उपयोग करते हैं:

  • $L = \frac{X_L}{6.28 \times f}$
  • $f = \frac{X_L}{6.28 \times L}$

Ohm’s Law के अनुसार:

  • $I_L = \frac{V_L}{X_L}$ (करेंट निकालने के लिए)
  • $X_L = \frac{V_L}{I_L}$ (Inductive Reactance निकालने के लिए)
  • $V_L = I_L \times X_L$ (Voltage निकालने के लिए)

यहाँ:

  • $I_L$ = Inductance में बहने वाला करंट (Amperes में)
  • $V_L$ = Inductance के आर-पार वोल्टेज (Volts में)
  • $X_L$ = Inductive Reactance (Ohms में)

2. शुद्ध धारितीय सर्किट (Pure Capacitance Circuit) 🔋

चित्र 8 (Fig 8) एक Capacitor की प्लेटों पर लागू (applied) होने वाले Alternating EMF ($E$) को दर्शाता है। जब वोल्टेज शून्य (0) से बढ़ना शुरू होता है, तो सर्किट में क्या बदलाव आते हैं, आइए समझते हैं:

  • करेंट का प्रवाह: जैसे ही EMF बढ़ता है, करंट Capacitor के अंदर प्रवाहित होता है और यह करंट भी धनात्मक (Positive) होता है।
  • Charging और Discharging: जब वोल्टेज बिंदु ‘L’ पर पहुँचता है, तो EMF का बढ़ना रुक जाता है और करंट घटकर शून्य हो जाता है। L और M के बीच EMF घटता है, जिससे Capacitor डिस्चार्ज (Discharge) होने लगता है।
  • Phase Relationship: चित्र 9 और 10 (Fig 9 & 10) यह दिखाते हैं कि Capacitor में बहने वाला करंट ($I$), Applied EMF ($E$) से 90° आगे (Lead) रहता है। 🕒

3. Capacitive Reactance ($X_C$) क्या है? 💡

Capacitor द्वारा करंट के बहाव में डाली जाने वाली रुकावट (Opposition) को Capacitive Reactance कहा जाता है। इसे $X_C$ से दर्शाया जाता है।

🧮 गणना का सूत्र (Calculation Formula):

$$X_C = \frac{1}{2\pi fC} = \frac{1}{\omega C}$$

  • जहाँ $2\pi$ लगभग 6.28 है।
  • $f$ = Frequency (Hz में)
  • $C$ = Capacitance (Farad में)
  • $\omega = 2\pi f$

नोट: Inductive Reactance की तरह ही, Capacitive Reactance को भी Ohms ($\Omega$) में मापा जाता है।


4. हल किया गया उदाहरण (Example 1) 📝

सवाल: एक $10 \mu F$ का Capacitor $250 V, 50 Hz$ सप्लाई से जुड़ा है। (a) Capacitor का Resistance (Reactance) और (b) करंट की गणना करें।

समाधान (Solution):

Step 1: Reactance ($X_C$) निकालना सूत्र: $X_C = \frac{1}{2\pi fC}$ $$X_C = \frac{1}{2 \times 3.14 \times 50 \times 10 \times 10^{-6}}$$ $$X_C = \frac{1}{0.00314} = 318.3 \Omega$$

Step 2: करंट ($I$) निकालना करेंट = $\frac{Voltage}{Reactance}$ $$I = \frac{250}{318.3} = 0.785 A$$

उत्तर: (a) Reactance = 318.3 Ohms (b) Current = 0.785 Amperes

केवल कैपेसिटेंस (capacitance) वाले सर्किट में औसत पावर (average power) शून्य (zero) होती है। इसे करंट और वोल्टेज कर्व्स (Fig 11) से पावर कर्व प्लॉट करके दिखाया जा सकता है, जैसा कि केवल इंडक्टेंस वाले सर्किट के लिए किया गया था। (Fig 11: शुद्ध कैपेसिटिव सर्किट के लिए पावर कर्व)


🔑 SEO Keywords (अपने WordPress टैग्स में डालें):

Electrician Theory HindiPure Inductive CircuitPure Capacitive CircuitCapacitive Reactance FormulaOhm's Law in AC CircuitInductive Reactance in HindiElectrical Engineering BasicsCapacitor Phase AngleNSQF Level 2022 Theory.


आशा है कि यह लेसन आपके लिए मददगार साबित होगा! अगर आपके कोई सवाल हैं, तो नीचे कमेंट करें। 😊⚡


🗝️ SEO Keywords for WordPress:

Pure Inductive Circuit HindiPhase Difference ExplainedInductive Reactance FormulaWhat is Lead and Lag in ACElectrician Theory Lesson 1.5.45AC Circuit Phase Relationship HindiXL = 2πfL ExplanationITI Electrician Theory Notes.


📝 SEO Description:

इस पाठ में शुद्ध इंडक्टेंस सर्किट (Pure Inductive Circuit) में करंट और वोल्टेज के बीच फेज संबंध (Phase Relationship) और इंडक्टिव रिएक्टेंस ($X_L$) की गणना करना सीखें। यह आईटीआई इलेक्ट्रीशियन (ITI Electrician) छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।