नमस्ते विद्यार्थियों! 🎓 आज के इस डिजिटल लेसन में हम Electrician – AC Circuits के एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय “AC सिंगल फेज सिस्टम में पावर, ऊर्जा और पावर फैक्टर” (Power, energy and power factor in AC single phase system) के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे। ⚡

यह लेसन आपकी परीक्षाओं और प्रैक्टिकल जानकारी के लिए बहुत उपयोगी है। चलिए शुरू करते हैं!


🎯 इस लेसन के उद्देश्य (Objectives)

इस पाठ के अंत में आप निम्नलिखित चीजें सीख पाएंगे:

  • सिंगल फेज सर्किट में पावर (Power) और पावर फैक्टर (Power Factor) के बीच संबंध बताना।
  • डायरेक्ट रीडिंग मीटर का उपयोग करके पावर फैक्टर मापने के लिए कनेक्शन डायग्राम बताना।
  • AC सर्किट में P.F. और पावर से संबंधित समस्याओं (Problems) की गणना करना।

🔋 DC सर्किट में पावर (Power in a DC Circuit)

एक DC सर्किट में पावर की गणना नीचे दिए गए सूत्रों (Formulae) का उपयोग करके की जा सकती है:

  • P = E x I watts
  • P = E²/R watts

AC सर्किट में उपरोक्त फॉर्मूले का उपयोग केवल तभी True Power (वास्तविक शक्ति) देगा जब सर्किट में केवल शुद्ध प्रतिरोध (Pure Resistance) हो। ध्यान दें कि AC सर्किट में रिएक्टेंस (Reactance) का प्रभाव मौजूद होता है।


⚡ AC सर्किट में पावर (Power in AC Circuit)

AC सर्किट में तीन प्रकार की पावर होती है:

  1. एक्टिव पावर (Active power / True power)
  2. रिएक्टिव पावर (Reactive power)
  3. अप्पेरेंट पावर (Apparent power)

1. एक्टिव पावर (Active Power – True Power): 💡

AC सर्किट में एक्टिव पावर की गणना DC सर्किट से अलग होती है। मापी जाने वाली एक्टिव पावर V x I x Cos θ का गुणनफल (Product) है, जहाँ Cos θ पावर फैक्टर है (वोल्टेज और करंट के बीच फेज एंगल का कोसाइन)। यह दर्शाता है कि एक ऐसा लोड जो पूरी तरह से रेजिस्टिव (Resistive) नहीं है और जहाँ करंट और वोल्टेज फेज में नहीं हैं, वहां करंट का केवल वही हिस्सा पावर पैदा करेगा जो वोल्टेज के साथ फेज में है। इसे वॉटमीटर (Wattmeter) से मापा जा सकता है।

2. रिएक्टिव पावर (Reactive Power – Pr): 🌀

रिएक्टिव पावर (जिसे वॉटलेस पावर भी कहते हैं) के साथ: Pr = V x I x Sin θ इस मामले में करंट का केवल वही हिस्सा उपयोग किया जाता है जो वोल्टेज के साथ 90° आउट ऑफ फेज (90° Phase Shift) होता है। दूसरी ओर, कैपेसिटर (Capacitors) और इंडक्टर (Inductors) बारी-बारी से ऊर्जा स्टोर करते हैं और इसे स्रोत (Source) को वापस कर देते हैं। ऐसी स्थानांतरित पावर को रिएक्टिव पावर कहा जाता है, जिसे Volt/Ampere Reactive (VAR) में मापा जाता है। ट्रू पावर के विपरीत, रिएक्टिव पावर कोई उपयोगी कार्य (Useful Work) नहीं कर सकती।

3. अप्पेरेंट पावर (Apparent Power): 🔌

अप्पेरेंट पावर को Pa = V x I के रूप में लिखा जाता है। इसकी माप वोल्टमीटर और एमीटर के साथ ठीक उसी तरह की जा सकती है जैसे DC करंट के लिए की जाती है। यह केवल लागू किए गए कुल वोल्टेज और कुल सर्किट करंट का गुणनफल है और इसकी इकाई वोल्ट-एम्पियर (VA) है।


📐 पावर ट्रायंगल (The Power Triangle)

एक पावर ट्रायंगल AC सर्किट में तीन अलग-अलग प्रकार की पावर की पहचान करता है (देखें Fig 1):

  • True Power (P): वॉट (Watts) में।
  • Reactive Power (Pr): वार्स (VARs) में।
  • Apparent Power (Pa): VA में।

इन तीनों पावर के बीच के संबंध को पावर ट्रायंगल के संदर्भ में प्राप्त किया जा सकता है: इसलिए, Pa² = P² + Pr² volt-amperes (VA)

जहाँ:

  • ‘Pa’ वोल्ट-एम्पियर (VA) में अप्पेरेंट पावर है।
  • ‘P’ वॉट (W) में ट्रू पावर है।
  • ‘Pq’ (या Pr) वोल्ट-एम्पियर रिएक्टिव (VAR) में रिएक्टिव पावर है।

📊 पावर फैक्टर (Power Factor)

AC सर्किट को दी गई True Power और स्रोत द्वारा आपूर्ति की जाने वाली Apparent Power के अनुपात (Ratio) को लोड का पावर फैक्टर (Power Factor) कहा जाता है।

यदि हम किसी पावर ट्रायंगल (Fig 2) की जांच करें, तो आप देख सकते हैं कि ट्रू पावर और अप्पेरेंट पावर का अनुपात एंगल θ का कोसाइन (Cosine) है।

Power factor = P / Pa = Cos θ

समीकरण (Equation) से आप देख सकते हैं कि तीनों पावर आपस में संबंधित हैं और इन्हें एक समकोण पावर ट्रायंगल (Right-angled power triangle) में दर्शाया जा सकता है, जिससे पावर फैक्टर को ट्रू पावर और अप्पेरेंट पावर के अनुपात के रूप में प्राप्त किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बिंदु: 💡

  • इंडक्टिव लोड (Inductive Loads): इसके लिए पावर फैक्टर को ‘लैगिंग’ (Lagging) कहा जाता है।
  • कैपेसitive लोड (Capacitive Loads): इसके लिए पावर फैक्टर को ‘लीडिंग’ (Leading) कहा जाता है ताकि इसे इंडक्टिव लोड से अलग पहचाना जा सके। (देखें Fig 2)

🔹 पावर फैक्टर का महत्व (Importance of Power Factor)

किसी सर्किट का पावर फैक्टर (Power Factor) यह निर्धारित करता है कि किसी दी गई ट्रु पावर (True Power) को डिलीवर करने के लिए स्रोत (Source) से कितने करंट की आवश्यकता होती है।

  • कम पावर फैक्टर (Low Power Factor) वाले सर्किट को यूनिटी पावर फैक्टर (Unity PF) सर्किट की तुलना में अधिक करंट की आवश्यकता होती है।

🔋 सिंगल फेज एनर्जी (Single Phase Energy)

ट्रु पावर (True Power) और समय (Time) के गुणनफल को एनर्जी (Energy) के रूप में जाना जाता है।

📝 फॉर्मूला:

  1. Energy = T.Power × Time
  2. Energy = Voltage × Current × Power factor × Time
  3. Energy = VI Cos θ × t (यहाँ समय ‘घंटों’ में है)

📏 एनर्जी की यूनिट (Unit of Energy):

  • एनर्जी की यूनिट वाट घंटा (Watt Hour) होती है।
  • कमर्शियल यूनिट को ‘KWH’ या ‘Unit’ कहा जाता है (इसे B.O.T – Board of Trade Unit भी कहते हैं)।

📉 एनर्जी निम्नलिखित कारकों (Factors) पर निर्भर करती है:

  • वोल्टेज (Voltage)
  • करंट (Current)
  • पावर फैक्टर – लोड (Power factor – load)
  • समय (Time)

🔌 एनर्जी मीटर (Energy Meter): सिंगल फेज एनर्जी को एनर्जी मीटर द्वारा मापा जा सकता है। इसमें 4 टर्मिनल्स होते हैं (2 इनकमिंग और 2 आउटगोइंग – कॉमन न्यूट्रल के साथ)। इसका कनेक्शन चित्र 3 (Fig 3) में दिखाया गया है।


🔄 AC पैरेलल सर्किट की समस्याएँ (AC Parallel Circuit Problem)

प्रैक्टिकल रूप में, सभी औद्योगिक (Industrial) और घरेलू (Domestic) इलेक्ट्रिकल सर्किट पैरेलल (Parallel) में जुड़े होते हैं क्योंकि हम कांस्टेंट वोल्टेज सिस्टम (Constant Voltage System) का पालन करते हैं।

📍 मुख्य बिंदु:

  • पैरेलल सर्किट में, किसी भी ब्रांच सर्किट का वोल्टेज, सप्लाई वोल्टेज के समान होता है।
  • हालांकि, ब्रांच करंट का गणितीय योग (Arithmetical sum) कुल करंट के बराबर नहीं होता है।
  • ऐसा इसलिए है क्योंकि लोड के प्रकार (Resistive, Inductive, या Capacitive) के कारण करंट आउट-ऑफ-फेस (Out-of-phase) हो सकता है।

इसलिए, कुल करंट प्राप्त करने के लिए ब्रांच करंट के वेक्टर (Vectors) को गणितीय रूप से (Admittance method) या ग्राफिकल रूप से (Vector method) जोड़ना या घटाना पड़ता है।


📝 उदाहरण 1: R और XL वाली पैरेलल ब्रांच (Example 1)

मान लीजिए एक पैरेलल सर्किट है जिसमें एक ब्रांच में प्योर रेजिस्टेंस (Pure Resistance) है और दूसरी ब्रांच में प्योर इंडक्टेंस (Pure Inductance) है।

दिए गए मान (Given Values):

  • Voltage (V) = 240 V
  • Frequency (f) = 50 Hz
  • Resistance ($R_1$) = 60 Ω
  • Inductance (L) = 0.0955 H

हमें क्या ज्ञात करना है? i. ब्रांच करंट्स (Branch currents) ii. वेक्टर डायग्राम (Vector diagram) iii. कुल करंट (Total current) iv. पावर फैक्टर एंगल और पावर फैक्टर v. कम्बाइंड इम्पीडेंस (Combined impedance) vi. सर्किट की पावर (Power in the circuit)


✅ समाधान (SOLUTION)

i. ब्रांच करंट $I_1$ की गणना: $$I_1 = \frac{V}{R_1} = \frac{240}{60} = 4 \text{ Amps}$$ (यह प्योर रेजिस्टिव है, इसलिए वोल्टेज के साथ फेस में होगा)

ब्रांच करंट $I_2$ के लिए पहले इंडक्टिव रिएक्टेंस ($X_L$) निकालें: $$X_L = 2\pi FL = 2 \times \frac{22}{7} \times 50 \times 0.0955 = 30 \text{ ohms}$$

अब इंडक्टिव करंट ($I_L$) निकालें: $$I_L = \frac{V}{X_L} = \frac{240}{30} = 8 \text{ Amps}$$ (यह प्योर इंडक्टिव है, इसलिए वोल्टेज से 90° पीछे (Lags) रहेगा)

ii. वेक्टर डायग्राम (Vector Diagram):

  • नियमों का पालन करते हुए वेक्टर डायग्राम बनाएं: Scale 1 cm = 2 amps.
  • कुल करंट ($I_T$) खोजने के लिए पैरेललोग्राम (Parallelogram) पूरा करें।
  • एंगल $\phi$ और $0I_T$ की लंबाई मापें।

iii. मापा गया कोण (Measured angle) 63º 26’ है।

  • शक्ति गुणांक (Power factor) = Cos 63º 26’ = 0.447 लैगिंग (lagging)

iv. 0IT की लंबाई (Length of 0IT) = 4.47 cm है।

  • इसलिए, कुल करंट $I_T$ = 4.47 x 2 = 8.94 amps
  • सर्किट की संयुक्त प्रतिबाधा (The combined impedance of the circuit) = Z

v. सर्किट द्वारा ली गई शक्ति (Power taken by the circuit):

  • $P = VI \cos \phi = I_1^2 R$
  • $P = 240 \times 8.94 \times 0.447 = 4^2 \times 60$
  • $P$ = 959 watts (लगभग 960 watts)

📝 उदाहरण 2 (Example 2): R, XL और XC के साथ समांतर सर्किट

चित्र 6 (Fig 6) में एक समांतर सर्किट (Parallel circuit) दिखाया गया है जिसमें प्रतिरोध (R), इंडक्टिव रियेक्टेंस ($X_L$) और कैपेसिटिव रियेक्टेंस ($X_C$) लगे हैं। हमें निम्नलिखित ज्ञात करना है:

  1. प्रत्येक शाखा का कंडक्टेंस और ससेप्टेंस (Conductance and susceptance of each branch)।
  2. कुल G, B और Y (Total G, B and Y)।
  3. शाखा धाराएँ (Branch currents)।
  4. PF और PF कोण (PF and PF angle)।
  5. सर्किट द्वारा ली गई शक्ति (Power taken by the circuit)।

🛠️ गणना के चरण (Step-by-Step Calculation)

i. शाखाओं में कंडक्टेंस (Conductance in branch circuits):

  • शाखा 1 के लिए ($g_1$): $g_1 = \frac{R_1}{Z_1^2} = \frac{30}{30^2} = \frac{1}{30} = \mathbf{0.0333 \text{ siemens}}$

  • शाखा 2 के लिए ($g_2$): $g_2 = \frac{R_2}{Z_2^2} = \frac{0}{24^2} = \mathbf{0}$

  • शाखा 3 के लिए ($g_3$): $g_3 = \frac{R_3}{Z_3^2} = \frac{0}{48^2} = \mathbf{0}$

ii. शाखाओं में ससेप्टेंस (Susceptance in branch circuits):

  • शाखा 1 के लिए ($b_1$): $b_1 = \frac{X_1}{Z_1^2} = \frac{0}{30^2} = \mathbf{0}$

  • शाखा 2 के लिए ($b_2$): $b_2 = \frac{X_2}{Z_2^2} = \frac{24}{24^2} = \frac{1}{24} = \mathbf{0.04167 \text{ siemens}}$

  • शाखा 3 के लिए ($b_3$): $b_3 = \frac{-X_3}{Z_3^2} = \frac{-48}{48^2} = -\frac{1}{48} = \mathbf{-0.02083 \text{ siemens}}$


iii. कुल मान की गणना (Total Values):

  • कुल कंडक्टेंस (Total conductance) G: $G = g_1 + g_2 + g_3 = 0.0333 + 0 + 0 = \mathbf{0.0333 \text{ Siemens}}$

  • कुल ससेप्टेंस (Total susceptance) B: $B = b_1 + b_2 + b_3 = 0 + 0.04167 + (-0.02083) = \mathbf{0.02084 \text{ Siemens}}$

  • कुल एडमिटेंस (Total Admittance) Y: $Y = \sqrt{G^2 + B^2}$ $Y = \sqrt{0.333^2 + 0.02084^2} = \mathbf{0.03928 \text{ Siemens}}$


iv. शाखा धाराएं (Branch Currents):

  • शाखा धारा (Branch current) $I_1$: $I_1 = \frac{V}{Z_1} = \frac{V}{R} = \frac{240}{30} = \mathbf{8 \text{ amps (V के साथ इन-फेज में)}}$

  • शाखा धारा (Branch current) $I_2$: $I_2 = \frac{V}{Z_2} = \frac{V}{X_L} = \frac{240}{24} = \mathbf{10 \text{ amps (V से 90° लैगिंग)}}$

  • शाखा धारा (Branch current) $I_3$: $I_3 = \frac{V}{X_3}$ (इसकी गणना आगे की जाएगी)।

🔢 1. करंट की गणना (Calculation of Current)

सबसे पहले, हम सर्किट के एक भाग में करंट की वैल्यू निकालते हैं: $\frac{240}{48} = 5 \text{ amps lagging } 90^\circ \text{ with V}$

इसका मतलब है कि करंट 5 एम्पियर है और यह वोल्टेज (V) से 90 डिग्री पीछे (lagging) चल रहा है।


📊 2. कुल करंट (Total Current – $I_T$)

सर्किट के कुल करंट को निकालने के लिए हम नीचे दिए गए फॉर्मूला (Formula) का उपयोग करते हैं:

$$I_T = \sqrt{I_1^2 + (I_2 – I_3)^2}$$

यहाँ वैल्यू रखने पर: $= \sqrt{8^2 + (10 – 5)^2}$ $= \sqrt{8^2 + 5^2}$ $= \sqrt{64 + 25} = \sqrt{89}$ $= 9.43 \text{ amps}$


🔄 वैकल्पिक तरीका (Alternatively)

कुल करंट को एडमिटेंस (Admittance – Y) का उपयोग करके भी निकाला जा सकता है: $I_T = V \times Y$ $= 240 \times 0.03928$ $= 9.43 \text{ amps.}$


📉 3. पावर फैक्टर (Power factor – iv)

पावर फैक्टर की गणना कंडक्टेंस (G) और एडमिटेंस (Y) या रेजिस्टिव करंट ($I_R$) और टोटल करंट ($I_T$) के अनुपात से की जाती है:

$$\text{Power factor} = \frac{G}{Y} = \frac{I_R}{I_T}$$

$= \frac{0.0333}{0.03929} = \frac{8}{9.43}$ $= 0.848$


📐 4. पावर फैक्टर एंगल और पावर (Power Factor Angle & Power – v)

  • पावर फैक्टर एंगल (Power factor angle): $32^\circ$ lagging.
  • सर्किट द्वारा ली गई पावर (Power taken by the circuit): $V \times I \times \cos \phi$ $= 240 \times 9.43 \times 0.848$ $= 1919 \text{ watts.}$

🏗️ 5. कुल प्रतिबाधा (Total Impedance – Z)

प्रतिबाधा (Impedance), एडमिटेंस (Admittance) का उल्टा (Reciprocal) होता है:

$$\text{Total impedance} = Z = \frac{1}{Y}$$

$= \frac{1}{0.03929}$ $= 25.5 \text{ ohms}$

💡 नोट: इन उत्तरों की जाँच वेक्टर विधि (Vector method) से प्राप्त उत्तरों के साथ अवश्य करें।


📝 Reference: Power : Electrician (NSQF Revised – 2022) – Related Theory for Exercise 1.5.49 (Page 107)


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नोट: यह पाठ Power : Electrician (NSQF Revised – 2022) की थ्योरी पर आधारित है। अपनी नोटबुक में इन गणनाओं का अभ्यास अवश्य करें! ✍️⚡


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