चालक सामग्री और उनकी तुलना (Conducting Materials and Their Comparison) 🛠️
उद्देश्य (Objectives):
इस पाठ के अंत में आप निम्न में सक्षम होंगे:
- चालक (conducting) और कुचालक (insulating) सामग्री के बीच अंतर करना।
- चालक सामग्री के विद्युत गुणों (electrical properties) को बताना।
- तांबे (copper) और एल्युमीनियम (aluminium) कंडक्टरों की विशेषताओं को बताना।
- इंसुलेटिंग सामग्री के प्रकार और गुणों को बताना।
- SWG का उपयोग करके तार के आकार को मापने की विधि का वर्णन करना।
- आउटसाइड माइक्रोमीटर (outside micrometer) द्वारा तार के आकार को मापने की विधि समझाना।
4. चालक और कुचालक (Conductors and Insulators) 🏗️
चालक (Conductors):
- उच्च इलेक्ट्रॉन गतिशीलता (High electron mobility – यानी बहुत सारे मुक्त इलेक्ट्रॉन) वाली सामग्री को चालक (conductor) कहा जाता है।
- ऐसी सामग्रियां जिनमें बहुत सारे मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं और जो विद्युत धारा प्रवाहित करने में सक्षम होती हैं, उन्हें चालक के रूप में जाना जाता है।
- उदाहरण: चांदी (Silver), तांबा (Copper), एल्युमीनियम (Aluminium) और अधिकांश अन्य धातुएं।
कुचालक (Insulators):
- कम इलेक्ट्रॉन गतिशीलता (Low electron mobility – कम या कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं) वाली सामग्री को कुचालक (insulators) कहा जाता है।
- वे सामग्रियां जिनमें केवल कुछ ही मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं और जो अपने माध्यम से करंट को गुजरने देने में असमर्थ होती हैं, उन्हें इंसुलेटर के रूप में जाना जाता है।
- उदाहरण: लकड़ी (Wood), रबर (Rubber), PVC, पोर्सिलेन (Porcelain), अभ्रक (Mica), सूखा कागज और फाइबरग्लास।
🔌 Copper and Aluminium (तांबा और एल्युमीनियम)
इलेक्ट्रिकल वर्क (Electrical work) में, conductors (चालक) के रूप में मुख्य रूप से तांबा और एल्युमीनियम का उपयोग किया जाता है। हालाँकि Silver (चांदी) तांबे की तुलना में बेहतर conductor है, लेकिन इसकी अधिक कीमत (high cost) के कारण इसे सामान्य काम के लिए उपयोग नहीं किया जाता है। इलेक्ट्रिकल काम में इस्तेमाल होने वाला Copper बहुत उच्च शुद्धता (high purity) वाला होता है, जो लगभग 99.9 percent तक शुद्ध होता है।
🔹 Characteristics of Copper (तांबे की विशेषताएं)
- Best Conductivity: चांदी (Silver) के बाद इसकी conductivity (चालकता) सबसे अच्छी होती है। 📈
- Current Density: अन्य धातुओं की तुलना में इसमें प्रति इकाई क्षेत्र (per unit area) सबसे बड़ी current density होती है। इसलिए, एक निश्चित current ले जाने के लिए आवश्यक volume कम होता है।
- Ductility: इसे पतले तारों (thin wires) और शीट्स (sheets) में आसानी से खींचा जा सकता है।
- Corrosion Resistance: इसमें वायुमंडलीय जंग (atmospheric corrosion) के प्रति उच्च प्रतिरोध होता है, इसलिए यह लंबे समय तक चल सकता है। 🛡️
- Joining: इसे बिना किसी विशेष प्रावधान के जोड़ा (joined) जा सकता है ताकि electrolytic action को रोका जा सके।
- Durability: यह टिकाऊ (durable) होता है और इसका scrap value (रद्दी मूल्य) भी अधिक होता है। 💰
🔹 Characteristics of Aluminium (एल्युमीनियम की विशेषताएं)
Copper के बाद, Aluminium इलेक्ट्रिकल कंडक्टर्स के लिए सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली धातु है।
- Conductivity: इसमें अच्छी चालकता होती है, जो तांबे के बाद आती है। तांबे की तुलना में इसकी conductivity 60.6 percent होती है। इसलिए, समान current क्षमता के लिए, एल्युमीनियम के तार का cross-section तांबे के तार से बड़ा होना चाहिए।
- Lightweight: यह वजन में हल्का (lighter in weight) होता है। ⚖️
- Malleability: इसे भी पतले तारों और शीट्स में खींचा जा सकता है, लेकिन cross-sectional area कम होने पर यह अपनी tensile strength खो देता है।
- Precautions in Joining: एल्युमीनियम कंडक्टर्स को जोड़ते समय बहुत सारी सावधानियों (precautions) की आवश्यकता होती है।
- Melting Point: एल्युमीनियम का melting point कम होता है, इसलिए ढीले कनेक्शन (loose connection) के कारण गर्मी पैदा होने पर यह क्षतिग्रस्त (damaged) हो सकता है। 🌡️
- Cost: यह तांबे की तुलना में सस्ता (cheaper) होता है।
📊 Table 1: Characteristics of Conductor Materials
| Sl. No. | Properties (गुण) | Copper (Cu) | Aluminium (Al) | | :— | :— | :— | :— | | 1 | Colour (रंग) | Reddish (लाल) | White brown (सफेद भूरा) | | 2 | Electrical conductivity (MHO/metre) | 56 | 35 | | 3 | Resistivity at 20°C in ohm/metre | 0.01786 | 0.0287 | | 4 | Melting point (गलनांक) | 1083°C | 660°C | | 5 | Density in kg/cm³ | 8.93 | 2.7 | | 6 | Temp. coefficient of resistance at 20°C | 0.00393 | 0.00403 | | 7 | Coefficient of linear expansion at 20°C | 17 x 10⁻⁶ | 23 x 10⁻⁶ | | 8 | Tensile strength in Nw/mm² | 220 | 70 |
🛡️ Properties of Insulating Materials (अचालक पदार्थों के गुण)
Insulation materials के दो मूलभूत गुण होते हैं: Insulation Resistance और Dielectric Strength। ये दोनों एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं और अलग-अलग तरीकों से मापे जाते हैं।
1. Insulation Resistance (इन्सुलेशन प्रतिरोध)
Megohmmeter (Megger) वह उपकरण है जिसका उपयोग insulation resistance मापने के लिए किया जाता है। यह insulation को नुकसान पहुंचाए बिना megohms में high resistance वैल्यू को मापता है। यह माप insulation की स्थिति का मूल्यांकन (evaluate) करने के लिए एक गाइड के रूप में कार्य करता है। 🛠️
2. Dielectric Strength (परावैद्युत शक्ति)
यह इस बात का माप है कि insulation लेयर बिना टूटे (without breaking down) कितना potential difference (विभांतर) सहन कर सकती है। वह potential difference जिसके कारण breakdown होता है, उसे insulation का Breakdown Voltage कहा जाता है। ⚡
✨ Desirable Characteristics of Insulating Materials
हर इलेक्ट्रिकल डिवाइस किसी न किसी प्रकार के insulation द्वारा सुरक्षित होती है। एक अच्छे insulation material में निम्नलिखित विशेषताएं होनी चाहिए:
- High Dielectric Strength: उच्च परावैद्युत शक्ति।
- Resistance to Temperature: तापमान के प्रति प्रतिरोध। 🌡️
- Flexibility: लचीलापन।
- Mechanical Strength: यांत्रिक मजबूती। 🏗️
📏 Measurement of Wire Sizes – Standard Wire Gauge (SWG) & Micrometer
Necessity of measuring the wire sizes (तार के आकार को मापने की आवश्यकता): एक उचित अनुमान (proper estimate) के लिए अलग-अलग लोड (loads) में current का निर्धारण, केबल के प्रकार का सही चयन और आवश्यक मात्रा की जानकारी होना जरूरी है। वायर के साइज को चुनने में की गई कोई भी गलती दोषपूर्ण वायरिंग (defective wiring), आग की घटनाओं (fire accidents) का कारण बन सकती है और घर के मालिक और इलेक्ट्रिशियन दोनों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। ⚠️
एक वायरमैन के तौर पर सफल होने के लिए cross-section area, diameter of single strand और number of conductors का सटीक ज्ञान होना बहुत आवश्यक है।
🛠️ Standard Wire Gauge (SWG) और Outside Micrometer की पूरी जानकारी
नमस्ते छात्रों! आज के इस लेसन में हम इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के बहुत ही महत्वपूर्ण टूल्स— Standard Wire Gauge (SWG) और Outside Micrometer के बारे में विस्तार से सीखेंगे। यह जानकारी आपके ITI Electrician (NSQF Level) कोर्स के लिए अत्यंत आवश्यक है।
📊 Table 1 – Conversion table SWG to mm/inch (SWG से mm/inch कन्वर्जन टेबल)
नीचे दी गई टेबल में विभिन्न SWG नंबरों के मिलीमीटर (mm) और इंच (inch) में माप दिए गए हैं:
| SWG No. | mm | inch | | SWG No. | mm | inch | | :— | :— | :— | :— | :— | :— | :— | | 0 | 8.23 | 0.324 | | 19 | 1.02 | 0.040 | | 1 | 7.62 | 0.300 | | 20 | 0.91 | 0.036 | | 2 | 7.01 | 0.276 | | 21 | 0.81 | 0.032 | | 3 | 6.40 | 0.252 | | 22 | 0.71 | 0.028 | | 4 | 5.89 | 0.234 | | 23 | 0.61 | 0.024 | | 5 | 5.38 | 0.212 | | 24 | 0.56 | 0.022 | | 10 | 3.25 | 0.128 | | 30 | 0.31 | 0.0124 | | 15 | 1.83 | 0.072 | | 36 | 0.19 | 0.0076 |
(नोट: पूरी लिस्ट के लिए ऊपर दी गई इमेज की टेबल 1 को रेफर करें।)
📏 Standard Wire Gauge (SWG)
Conductor (चालक) का साइज़ उसके Gauge Number द्वारा दिया जाता है। मानकों (Standards) के अनुसार, प्रत्येक नंबर का एक निर्धारित Diameter (व्यास) होता है जो inch या mm में होता है। यह जानकारी ऊपर दी गई Table 1 में दी गई है।
Standard Wire Gauge, जैसा कि Figure 1 में दिखाया गया है, 0 से 36 नंबर तक वायर के साइज़ को माप सकता है।
⚠️ महत्वपूर्ण नोट (Critical Point): यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि वायर गेज का नंबर जितना अधिक (Higher) होगा, वायर का व्यास (Diameter) उतना ही छोटा (Smaller) होगा।
- उदाहरण के लिए: SWG No. 0 का व्यास 8.23 mm (0.324 inch) होता है, जबकि SWG No. 36 का व्यास केवल 0.19 mm (0.0076 inch) होता है।
इस्तेमाल करने का तरीका: वायर को मापते समय, वायर को पहले साफ किया जाना चाहिए और फिर SWG नंबर निर्धारित करने के लिए उसे वायर गेज के Slot (खांचे) में डाला जाना चाहिए।
🖼️ Figure 1 – Standard Wire Gauge (स्टैंडर्ड वायर गेज का चित्र)
इस टूल में चारों ओर अलग-अलग साइज़ के स्लॉट्स बने होते हैं जहाँ Bare Conductor (नंगा तार) डालकर उसका नंबर चेक किया जाता है।
🔬 Measurement of wire size by outside micrometers (आउटसाइड माइक्रोमीटर द्वारा वायर साइज़ का मापन)
Outside Micrometer एक Precision Instrument (परिशुद्ध यंत्र) है जिसका उपयोग किसी जॉब को मापने के लिए किया जाता है, आमतौर पर 0.01 mm की सटीकता (Accuracy) के साथ।
वे माइक्रोमीटर जिनका उपयोग बाहरी माप (Outside measurements) लेने के लिए किया जाता है, उन्हें Outside Micrometers कहा जाता है। (देखें Fig 2)
⚙️ Figure 2 – Outside Micrometer Parts (माइक्रोमीटर के भाग)
एक माइक्रोमीटर में निम्नलिखित मुख्य भाग होते हैं:
- Anvil (एनविल)
- Spindle (स्पिंडल)
- Spindle Lock (स्पिंडल लॉक)
- Frame (फ्रेम)
- Barrel/Sleeve (बैरल/स्लीव)
- Thimble (थिम्बल)
- Ratchet Stop (रैचेट स्टॉप)
💡 Principle of the micrometer (माइक्रोमीटर का सिद्धांत)
माइक्रोमीटर Screw and Nut (पेंच और नट) के सिद्धांत पर काम करता है। एक रोटेशन के दौरान स्पिंडल की Longitudinal Movement (लंबाई में गति) स्क्रू के Pitch के बराबर होती है। स्पिंडल की इस दूरी को बैरल (Barrel) और थिम्बल (Thimble) पर सटीक रूप से मापा जा सकता है।
📐 Graduations (अंशांकन)
मीट्रिक माइक्रोमीटर (Metric Micrometers) में स्पिंडल थ्रेड की Pitch 0.5 mm होती है।
⚙️ Micrometer की कार्यप्रणाली (Working Mechanism)
थिम्बल (Thimble) के एक पूरे चक्कर (one rotation) घूमने पर, स्पिंडल (Spindle) 0.5 mm आगे बढ़ता है।
एक 0-25 mm outside micrometer में, बैरल (barrel) पर 25 mm लंबी Datum Line होती है। इस लाइन पर मिलीमीटर (1 mm) और आधे मिलीमीटर (0.5 mm) के निशान (graduations) होते हैं। बैरल पर 0, 5, 10, 15, 20 और 25 mm की नंबरिंग होती है।
- Thimble Divisions: थिम्बल के बेवल किनारे (bevel edge) को 50 बराबर भागों में बांटा गया है और इस पर 0-5-10-15… 45-50 के निशान होते हैं।
- Movement: थिम्बल के एक चक्कर में तय की गई दूरी = 0.5 mm.
- Least Count (लीस्ट काउंट): थिम्बल के एक भाग (one division) की वैल्यू:
- $0.5 \text{ mm} / 50 = \mathbf{0.01 \text{ mm}}$
- महत्वपूर्ण: एक मेट्रिक आउटसाइड माइक्रोमीटर की शुद्धता या Least Count 0.01 mm होती है। 🎯
📏 Micrometer की Reading कैसे पढ़ते हैं? (Reading Measurements)
आउटसाइड माइक्रोमीटर से रीडिंग लेने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
Step a: बैरल स्केल रीडिंग (Barrel Scale Reading) सबसे पहले बैरल पर दिखने वाले पूर्ण मिलीमीटर (whole millimetres) को देखें।
- उदाहरण (Fig 4): यहाँ बैरल पर 4 mm पूरी तरह दिखाई दे रहा है।
Step b: आधा मिलीमीटर रीडिंग (Half Millimetre Reading) अब देखें कि क्या थिम्बल के किनारे के पास कोई आधा मिलीमीटर (0.5 mm) वाला निशान दिख रहा है।
- उदाहरण (Fig 5): 4 mm के बाद एक आधा मिलीमीटर का निशान दिख रहा है। इसलिए पिछले रीडिंग में 0.5 mm जोड़ें।
Step c: थिम्बल स्केल रीडिंग (Thimble Scale Reading) अब देखें कि थिम्बल की कौन सी लाइन बैरल की Datum Line के साथ मैच (coincide) कर रही है।
- उदाहरण (Fig 5): थिम्बल का 5वाँ डिवीजन डेटम लाइन से मिल रहा है।
- गणना: $5 \times 0.01 \text{ mm} = \mathbf{0.05 \text{ mm}}$
📉 Total Reading की गणना (Total Calculation):
| विवरण | माप (Measurement) | | :— | :— | | a. मुख्य मिलीमीटर (Main mm) | 4.00 mm | | b. आधा मिलीमीटर (Half mm) | 0.50 mm | | c. थिम्बल रीडिंग (Thimble reading) | 0.05 mm | | Total Reading | 4.55 mm |
⚠️ माइक्रोमीटर का उपयोग करते समय सावधानियां (Precautions)
माइक्रोमीटर एक संवेदनशील औजार है, इसलिए इसका उपयोग करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें:
- 🔍 Zero Error चेक करें: उपयोग से पहले सुनिश्चित करें कि माइक्रोमीटर में कोई एरर नहीं है। जब जबड़े (jaws) बंद हों, तो थिम्बल की ‘0’ लाइन डेटम लाइन से मिलनी चाहिए।
- ➕ Positive & Negative Error:
- यदि रीडिंग ‘0’ से ज्यादा है, तो एरर Positive (+ve) है।
- यदि रीडिंग ‘0’ से कम है, तो एरर Negative (-ve) है।
- सही रीडिंग पाने के लिए: Positive error को घटाएं और Negative error को जोड़ें।
- 🧼 साफ़-सफाई: एनविल (Anvil) और स्पिंडल (Spindle) के फेस पर धूल, मिट्टी या ग्रीस नहीं होनी चाहिए।
- 🔒 Locking: रीडिंग पढ़ते समय स्पिंडल को Lock Nut से लॉक कर देना चाहिए।
- 🚫 Rough Handling: माइक्रोमीटर को कभी भी पटकना नहीं चाहिए और इसे बहुत सावधानी से हैंडल करना चाहिए।
- ⚙️ Ratchet का प्रयोग: अंतिम दबाव (final pressure) देने के लिए हमेशा Ratchet Stop का उपयोग करें, थिम्बल का नहीं।
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Instructor Note: यह पाठ ITI Electrician (NSQF – Revised 2022) के पाठ्यक्रम पर आधारित है। छात्रों को प्रैक्टिकल के दौरान Fig 3 से Fig 6 के चित्रों का संदर्भ लेने के लिए कहें।
📝 निष्कर्ष (Conclusion)
कंडक्टर के साइज़ को मापने के लिए, एक इलेक्ट्रिशियन सामान्यतः Standard Wire Gauge का उपयोग कर सकता है, या अधिक सटीक परिणामों (Accurate results) के लिए Outside Micrometer का उपयोग कर सकता है।
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Instructor Note: छात्रों को यह टेबल याद करने की सलाह दें और माइक्रोमीटर का उपयोग करते समय सावधानी बरतने को कहें। 🎓✨
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Instructor Note: विद्यार्थियों, इस अध्याय को अच्छी तरह से समझें क्योंकि वायर का सही चुनाव ही सुरक्षित वायरिंग की नींव है! 💡✍️
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Note to Instructor: यह सामग्री छात्रों को सरल भाषा में बिजली के मूल सिद्धांतों को समझाने के लिए तैयार की गई है। कृपया इसे अपने ब्लॉग या क्लासरूम नोट्स में साझा करें। 📝✨