📏 कम और मध्यम Resistance मापने के तरीके (Methods of measuring low and medium resistance)

उद्देश्य (Objectives): इस पाठ के अंत में आप सक्षम होंगे:

  • Resistance मापने के विभिन्न तरीकों को बताने में।
  • Ammeter और Voltmeter विधि का वर्णन करने में।

1. Low Resistance मापने के तरीके:

कम resistance मापने के लिए निम्नलिखित तीन तरीकों का उपयोग किया जाता है:

  • Voltmeter और ammeter विधि।
  • Potentiometer का उपयोग करके अज्ञात (unknown) की मानक (standard) से तुलना करना।
  • Kelvin bridge (केल्विन ब्रिज)।
  • Shunt type Ohmmeter।

Ammeter और Voltmeter विधि (Ammeter and voltmeter method):

यह विधि सबसे सरल है और low resistance के मापन के लिए बहुत सामान्य रूप से उपयोग की जाती है। 💡

Fig 1 में, $R_m$ वह resistance है जिसे मापा जाना है और $V$ एक हाई resistance वाला voltmeter है जिसका resistance $R_v$ है। एक स्थिर डायरेक्ट करंट सप्लाई (steady DC supply) को एक उपयुक्त ammeter के साथश्रेणी (series) में $R$ से गुजारा जाता है। यह मानते हुए कि अज्ञात resistance से गुजरने वाला करंट ammeter ‘A’ द्वारा मापे गए करंट के समान है, फॉर्मूला इस प्रकार है:

$$ \% \text{ Error} = \frac{|R_t – R_m|}{R_t} \times 100 $$

2. Medium Resistance मापने के तरीके:

मध्यम resistance मापने के लिए निम्नलिखित तीन तरीकों का उपयोग किया जाता है:

  • Series type Ohmmeter.
  • Voltmeter and ammeter method.
  • Wheatstone bridge method (व्हीटस्टोन ब्रिज विधि)।

📟 Ohmmeter (ओह्ममीटर)

उद्देश्य (Objectives): इस पाठ के अंत में आप सक्षम होंगे:

  • Series type ohmmeter के सिद्धांत, निर्माण और उपयोग को समझाने में।
  • Shunt type ohmmeter के सिद्धांत, निर्माण और उपयोग को समझाने में।

Resistances का मापन (Measurement of resistances):

Medium resistances को Kelvin’s bridge, Wheatstone bridge, Slide wire bridge, Post Office box और Ohmmeter जैसे उपकरणों (instruments) द्वारा मापा जा सकता है। हालांकि, High resistances को मापने के लिए megohmmeter या megger जैसे उपकरणों का उपयोग किया जाता है। ⚡

Ohmmeter क्या है?

Ohmmeter एक ऐसा उपकरण (instrument) है जिसका उपयोग resistance मापने के लिए किया जाता है। Ohmmeters दो प्रकार के होते हैं:

  1. Series ohmmeter: इसका उपयोग मध्यम (medium) resistance मापने के लिए किया जाता है।
  2. Shunt type ohmmeter: इसका उपयोग कम (low) और मध्यम (medium) resistance मापने के लिए किया जाता है।

अपने मूल रूप (basic form) में ohmmeter काफी प्रभावी होता है। ⚙️

⚠️ जरूरी सावधानी (Caution): किसी भी सर्किट में रेजिस्टेंस मापने के लिए ओह्ममीटर का उपयोग करने से पहले, सर्किट की Power Supply को बंद कर देना चाहिए और यदि सर्किट में कोई Electrolytic Capacitor है, तो उसे डिस्चार्ज (discharge) कर देना चाहिए। याद रखें, ओह्ममीटर की अपनी खुद की सप्लाई (Battery) होती है।

1. सीरीज़ टाइप ओह्ममीटर: निर्माण (Series Type Ohmmeter: Construction) 🛠️

Fig 1 में दिखाया गया Series type ohmmeter मुख्य रूप से निम्नलिखित भागों से बना होता है:

  • PMMC Movement ‘M’: (Permanent Magnet Moving Coil) जिसे ‘d’ Arsonval movement भी कहते हैं।
  • Limiting Resistance $R_1$: करंट को सीमित करने के लिए।
  • Battery ‘E’: ऊर्जा का स्रोत।
  • Terminals A and B: जहाँ अज्ञात प्रतिरोध (Unknown Resistance $R_x$) को जोड़ा जाता है।
  • Shunt Resistance $R_2$: इसे मीटर ‘M’ के साथ पैरेलल (parallel) में जोड़ा जाता है ताकि पॉइंटर की Zero Position को एडजस्ट किया जा सके।

कार्यविधि (Working) ⚙️

  • Shorted Terminals: जब टर्मिनल A और B को शॉर्ट (short) किया जाता है ($R_x$ = 0), तब सर्किट में Maximum Current बहता है। $R_2$ को एडजस्ट करके मीटर को Full Scale Current ($I_{fsd}$) पर सेट किया जाता है। इस स्थिति में स्केल पर Zero (0) Ohm का निशान होता है।
  • Open Terminals: जब टर्मिनल A और B खुले (open) होते हैं, तो कोई करंट नहीं बहता। पॉइंटर अपनी जगह से नहीं हिलता और डायल के बाईं ओर (left side) रहता है। इसे Infinity ($\infty$) resistance के रूप में मार्क किया जाता है।
  • Intermediate Values: टर्मिनल A और B के बीच अलग-अलग ज्ञात $R_x$ वैल्यूज़ जोड़कर डायल पर बीच की मार्किंग की जा सकती है।

सटीकता और बैटरी (Accuracy and Battery) 🔋

ओह्ममीटर की सटीकता बैटरी की स्थिति पर निर्भर करती है। समय के साथ बैटरी की वोल्टेज कम हो सकती है। Variable Shunt Resistor $R_2$ इस कम वोल्टेज के प्रभाव को ठीक करने में मदद करता है। यदि बैटरी बहुत कमजोर हो जाए, तो उसे बदलना पड़ता है।

स्केल की विशेषताएं (Scale Characteristics) 📏

जैसा कि Fig 2 में दिखाया गया है, मीटर स्केल के दाईं ओर (right end) Zero Ohms और बाईं ओर (left end) Infinity Ohms होता है। इसका स्केल Non-linear होता है क्योंकि रेजिस्टेंस और करंट के बीच उल्टा संबंध (inverse relationship) होता है।

2. शंट टाइप ओह्ममीटर (Shunt Type Ohmmeter) 🔌

Fig 3 एक Shunt type ohmmeter का सर्किट डायग्राम दिखाता है। इसमें बैटरी ‘E’ को जीरो ओह्म एडजस्टमेंट रेजिस्टर $R_1$ और PMMC मीटर के साथ सीरीज में रखा जाता है।

  • Unknown Resistance ($R_x$): इसे टर्मिनल A और B के बीच मीटर के साथ Parallel (शंट) में जोड़ा जाता है।
  • Spring-loaded Switch S: बैटरी को डिस्चार्ज होने से बचाने के लिए एक पुश-बटन स्विच का उपयोग किया जाता है।

कार्यविधि (Working) ⚙️

  • Shorted Terminals: जब A और B को शॉर्ट किया जाता है ($R_x = 0$), तो सारा करंट शॉर्ट पाथ से निकल जाता है और मीटर में करंट Zero होता है।
  • Open Terminals: जब टर्मिनल A और B खुले होते हैं ($R_x = \infty$), तो करंट केवल मीटर से होकर बहता है। $R_1$ की सही वैल्यू चुनकर पॉइंटर को Full Scale तक पहुँचाया जा सकता है।
  • Scale: शंट टाइप ओह्ममीटर में Zero mark स्केल के बाईं ओर (no current) होता है और Infinity mark दाईं ओर (full scale current) होता है, जैसा कि Fig 4 में दिखाया गया है।

उपयोग (Use) 💡

यह ओह्ममीटर विशेष रूप से Low Value Resistors (कम मान वाले प्रतिरोधों) को मापने के लिए उपयुक्त है।


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Instructor Note: विद्यार्थियों को यह स्पष्ट करें कि सीरीज़ ओह्ममीटर में ‘0’ दाईं ओर होता है, जबकि शंट ओह्ममीटर में ‘0’ बाईं ओर होता है। यह परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु है! 📝