⚡ 3-Phase AC Fundamentals: आईटीआई इलेक्ट्रिशियन के लिए पूर्ण गाइड (Exercise 1.5.52-56)
पावर इलेक्ट्रिशियन (Power Electrician) – A.C. सर्किट
🎯 उद्देश्य (Objectives):
इस लेसन के अंत में आप निम्नलिखित विषयों को सीखने और समझाने में सक्षम होंगे:
- सिंगल लूप्स (Single loops) के साथ 3-Phase System के जनरेशन (Generation) का वर्णन करना।
- सिंगल फेज सिस्टम की तुलना में 3-Phase System के फायदों (Advantages) को बताना।
- 3-Phase, 3-Wire और 4-Wire System के बारे में बताना और समझाना।
- फेज वोल्टेज (Phase Voltage) और लाइन वोल्टेज (Line Voltage) के बीच संबंध (Relation) को स्पष्ट करना।
🔌 3-Phase Power Supply का परिचय
एक थ्री-फेज पावर उपभोक्ता (Three-phase power consumer) को तीन फेज के टर्मिनल प्रदान किए जाते हैं। (Fig 1 देखें)
3-Phase AC Supply का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब स्टेशनरी थ्री-फेज कॉइल्स (Stationary three-phase coils) के एक सेट को सप्लाई से ऊर्जा (Energize) दी जाती है, तो यह एक घूमता हुआ चुंबकीय क्षेत्र (Rotating Magnetic Field – RMF) पैदा कर सकता है। यह अधिकांश आधुनिक घूमने वाली मशीनों (Rotating machines), विशेष रूप से थ्री-फेज इंडक्शन मोटर (3-Phase Induction Motor) का मूल कार्य सिद्धांत (Basic operating principle) है।
इसके अलावा, लाइटिंग लोड (Lighting loads) को तीनों फेज में से किसी भी एक फेज और न्यूट्रल (Neutral) के बीच जोड़ा जा सकता है।
💡 रिव्यु: सिंगल फेज की तुलना में पॉलीफेज सिस्टम के लाभ (Advantages of Polyphase System)
उपरोक्त दो लाभों के अलावा, सिंगल फेज सिस्टम के मुकाबले Polyphase System के निम्नलिखित फायदे हैं:
- ✅ Uniform Torque: 3-Phase मोटर एक समान टॉर्क (Uniform torque) उत्पन्न करती हैं, जबकि सिंगल फेज मोटर केवल स्पंदनशील टॉर्क (Pulsating torque) पैदा करती हैं।
- ✅ Self Starting: अधिकांश 3-Phase मोटर सेल्फ-स्टार्टिंग होती हैं, जबकि सिंगल फेज मोटर स्वयं स्टार्ट नहीं हो सकतीं।
- ✅ High Power Factor: सिंगल फेज मोटर्स की तुलना में 3-Phase मोटर्स का पावर फैक्टर (Power Factor) काफी अधिक होता है।
- ✅ High Output: दिए गए आकार (Size) के लिए 3-Phase मोटर्स का पावर आउटपुट अधिक होता है, जबकि सिंगल फेज मोटर्स का आउटपुट कम होता है।
- ✅ Less Copper Required: एक निश्चित पावर और दूरी के लिए, 3-Phase ट्रांसमिशन में आवश्यक तांबे (Copper) की मात्रा सिंगल फेज सिस्टम की तुलना में कम होती है।
- ✅ Robust Construction: 3-Phase मोटर जैसे कि स्क्विरल केज इंडक्शन मोटर (Squirrel Cage Induction Motor) निर्माण में बहुत मजबूत (Robust) होती हैं और लगभग रखरखाव मुक्त (Maintenance free) होती हैं।
⚙️ थ्री-फेज जनरेशन (Three-phase Generation)
थ्री-फेज वोल्टेज उत्पन्न करने के लिए, उसी विधि का उपयोग किया जाता है जो सिंगल फेज वोल्टेज के लिए होती है, लेकिन इसमें एक मुख्य अंतर है।
इस प्रक्रिया में, तीन वायर लूप (Wire loops) U₁, U₂, V₁, V₂ और W₁, W₂ एक ही समान चुंबकीय क्षेत्र (Uniform magnetic field) में एक ही धुरी (Axis) पर स्थिर कोणीय गति (Constant angular speed) से घूमते हैं। ये लूप U₁, U₂, V₁, V₂ और W₁, W₂ स्थिति के अनुसार एक-दूसरे से स्थायी रूप से 120° की दूरी (Displaced) पर होते हैं। (Fig 2 देखें)
प्रत्येक वायर लूप के लिए, वही परिणाम प्राप्त होता है जो अल्टरनेटिंग वोल्टेज जनरेटर (Alternating voltage generator) में मिलता है। इसका अर्थ है कि प्रत्येक लूप में एक अल्टरनेटिंग वोल्टेज प्रेरित (Induced) होता है।
चूंकि ये वायर लूप एक-दूसरे से 120° विस्थापित हैं, और एक पूर्ण चक्कर (360°) में एक आवर्त काल (Period) पूरा होता है, इसलिए तीनों प्रेरित वोल्टेज समय के अनुसार एक-दूसरे से एक तिहाई आवर्त काल (1/3 of a period) की देरी से चलते हैं।
इन तीन वायर लूपों के 120° के स्थानिक विस्थापन (Spatial displacement) के कारण, तीन अल्टरनेटिंग फेज वोल्टेज प्राप्त होते हैं, जो आवर्त काल ‘T’ के एक तिहाई हिस्से द्वारा एक-दूसरे से विस्थापित (Displaced) होते हैं। (Fig 3 देखें)
🔍 तीन फेजों की पहचान कैसे करें? (Distinguishing Between the Three Phases)
Heavy current इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में, तीन फेजों को अलग-अलग पहचानने के लिए हम उन्हें U, V और W अक्षरों से या फिर कलर कोड लाल (Red), पीला (Yellow) और नीला (Blue) से दर्शाते हैं। 🔴🟡🔵
- समय 0 पर: वोल्टेज U शून्य (Zero volts) से गुजर रहा होता है और सकारात्मक रूप से बढ़ता है (Fig 3a)।
- V फेज: यह U के 1/3 पीरियड (1/3 of the period) के बाद अपने शून्य क्रॉसिंग को फॉलो करता है (Fig 3b)।
- W फेज: यही नियम V के संबंध में W पर भी लागू होता है (Fig 3c)।
📑 थ्री-फेज वोल्टेज के बारे में मुख्य बिंदु (Key Statements about Three-Phase Voltages)
थ्री-फेज नेटवर्क में, वोल्टेज के बारे में निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं:
- Same Frequency: तीनों फेज के वोल्टेज की फ्रीक्वेंसी (Frequency) समान होती है। 📉
- Same Peak Value: तीनों फेज के वोल्टेज का पीक वैल्यू (Peak Value) एक जैसा होता है।
- Time Displacement: तीनों फेज समय में एक-दूसरे से पीरियड के एक-तिहाई (1/3 of a period) हिस्से से विस्थापित (Displaced) होते हैं।
- Instantaneous Sum: किसी भी समय पर, तीनों वोल्टेज का तात्कालिक योग (Instantaneous sum) हमेशा शून्य होता है: 👉 $V_U + V_V + V_W = 0$
💡 शून्य वोल्टेज का सिद्धांत (The Concept of Zero Instantaneous Voltage)
Fig 6 में दिखाया गया है कि तात्कालिक वोल्टेज का योग शून्य कैसे होता है।
- समय $t_1$ पर, $U$ का मान $V_U$ है, $V$ का मान $0$ है, और $W$ का मान $-V_W$ है।
- चूंकि $V_U$ और $V_W$ का मान समान है लेकिन उनके चिह्न (Signs) विपरीत हैं, इसलिए: $V_{U1} + V_{V1} + V_{W1} = 0$
इन तीनों वोल्टेज का आयाम (Amplitude) और फ्रीक्वेंसी समान होती है, जैसा कि Fig 4 में दिखाया गया है।
🌐 थ्री-फेज नेटवर्क (Three-phase Network)
एक थ्री-फेज नेटवर्क में तीन लाइनें या फेज होते हैं। Fig 5 में इन्हें U, V और W से दर्शाया गया है। 🔌
- Neutral Conductor (N): प्रत्येक फेज के लिए एक कॉमन रिटर्न लीड होती है जिसे न्यूट्रल कंडक्टर (N) कहा जाता है।
- Voltmeters का उपयोग: वोल्टमीटर को लाइनों (U, V, W) और न्यूट्रल लाइन (N) के बीच जोड़ा जाता है। ये तीनों फेज और न्यूट्रल के बीच के वोल्टेज के RMS (Effective) values को दर्शाते हैं।
- Phase Voltages: इन वोल्टेज को फेज वोल्टेज कहा जाता है, जिन्हें $V_{UN}$, $V_{VN}$ और $V_{WN}$ के रूप में नामित किया गया है।
📏 लाइन और फेज वोल्टेज (Line and Phase Voltage)
यदि वोल्टमीटर को सीधे लाइन U और लाइन V के बीच जोड़ा जाए (Fig 7), तो मापा गया वोल्टेज $V_{UV}$ होगा। यह वोल्टेज किसी भी फेज वोल्टेज से अलग होता है।
- Magnitude: इसका परिमाण (Magnitude) सीधे फेज वोल्टेज के समानुपाती (Directly proportional) होता है।
- Wave-form: $V_{UV}$ का वेव-फॉर्म साइनसॉइडल (Sinusoidal) होता है और फ्रीक्वेंसी फेज वोल्टेज के समान ही होती है।
- Higher Peak Value: $V_{UV}$ का पीक वैल्यू अधिक होता है क्योंकि यह दो फेज वोल्टेज ($V_{UN}$ और $V_{VN}$) के बीच के अंतर से बनता है।
- Phasor Addition: $V_{UV}$ दो फेज वोल्टेज $V_{UN}$ और $V_{NV}$ का फेजर योग (Phasor sum) है। फेज-विस्थापित अल्टरनेटिंग वोल्टेज के इस संयोजन को फेजर एडिशन (Phasor addition) कहा जाता है।
⚠️ CRITICAL POINT:
फेज-टू-फेज (Phase-to-phase) के बीच के वोल्टेज को “लाइन वोल्टेज (Line voltage)” कहा जाता है। ⚡
Line और Phase Voltage के बीच संबंध (Relationship between line and phase voltage) 📐
एक generator में phases के जोड़ों (pairs of phases) को जोड़ने की संभावना three-phase electricity की एक बुनियादी विशेषता (basic property) है। इस संबंध की समझ को नीचे दिए गए उदाहरण के माध्यम से बेहतर बनाया जा सकता है, जो phase difference के concept को बहुत सरल तरीके से समझाता है।
Phase voltages VUN और VVN के बीच phase में एक अवधि का एक तिहाई हिस्सा, यानी दो phasors के बीच 120° का अंतर होता है। (चित्र 7 देखें) 📉
चित्र 8 में इस तथ्य को दर्शाया गया है। Phasors VUN और VVN (चित्र 7) से शुरू करते हुए, बिंदु N से phasor -VVN = VNV उत्पन्न होता है। VUN और VNV भुजाओं वाले समांतर चतुर्भुज (parallelogram) का विकर्ण (diagonal) परिणामी line voltage VUV को दर्शाने वाला phasor है।
मुख्य निष्कर्ष: इसलिए, यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि एक generator में line voltage (VL) और phase voltage (VP) एक multiplying factor द्वारा संबंधित होते हैं। यह factor √3 दिखाया जा सकता है, जिससे:
VL = √3 × VP
एक three-phase generating system में, line voltage हमेशा phase-to-neutral voltage का √3 गुना होता है। line voltage और phase voltage को जोड़ने वाला factor √3 (लगभग 1.732) है।
यह पहले ही दिखाया जा चुका है कि line voltage हमेशा phase voltage से अधिक होता है। यहाँ एक संख्यात्मक उदाहरण (numerical example) दिया गया है:
- एक three-phase system में RMS phase voltage 240V है।
- चूंकि line voltage और phase voltage का अनुपात √3 है, इसलिए RMS line voltage होगा:
- VL = √3 × VP
- VL = √3 × 240
- VL = 415.68V (या इसे राउंड डाउन करके 415V कहा जा सकता है)। ⚡
दो phase voltages VUN और VNV का phasor sum ज्यामितीय (geometrically) रूप से प्राप्त किया जा सकता है, और इस प्रकार प्राप्त परिणामी phasor संबंध VUV = VUN + VNV के माध्यम से line voltage VUV कहलाता है।
ध्यान दें: Star connection के लिए line voltage VUV प्राप्त करने के लिए, माप (measurement) U terminal से सामान्य बिंदु N (common point) के माध्यम से V terminal तक की जाती है।
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Instructor Note: छात्रों, ऊपर दिए गए चित्रों (Fig 4, 5, 6) को ध्यान से देखें ताकि आप वेव-फॉर्म और फेजर के अंतर को समझ सकें। यदि कोई संदेह हो, तो बेझिझक पूछें! 👨🏫✍️
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नोट: चित्र (Fig 1, 2, 3) के लिए कृपया अपने मूल दस्तावेज़ को देखें जहाँ फेजर डायग्राम और वेवफॉर्म दर्शाए गए हैं।
